बहुत खूबसूरत समां ये सुहाना
चलो कोई गीत गुनगुनाते है हम ।
छेड़े कोई राग हवाओ के संग,
इन्हें,अपने ही सुर से सजाते है हम ।
महक जाये ये वादियाँ ,ये फिजाये
चलो कोई उपवन लगाते है हम ।
कोई आरज़ू हो अभी से बता दो
यहीं सपनो का घर बनाते है हम ।
क्या पता कल हम साथ रहे न रहे
चलो आज जी भर के खुशियाँ मनाते है हम ।
चलो कोई गीत गुनगुनाते है हम ।
छेड़े कोई राग हवाओ के संग,
इन्हें,अपने ही सुर से सजाते है हम ।
महक जाये ये वादियाँ ,ये फिजाये
चलो कोई उपवन लगाते है हम ।
कोई आरज़ू हो अभी से बता दो
यहीं सपनो का घर बनाते है हम ।
क्या पता कल हम साथ रहे न रहे
चलो आज जी भर के खुशियाँ मनाते है हम ।