अनवेषण
Wednesday, 4 July 2012
वो कहते रहे तुमसे मेरा कोई रिश्ता नहीं
फिर वो कौन सा बंधन था
जब भी उनको देखा मै आँखें अपनी फेर न सका
और वो मुझे नजरअंदाज कर न सके ।
कि आज उनके जाते वक्त मै मुस्कुरा न सका
और वो आंसुओ कोबहने से रोक न सके ।
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